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स्याही के अंदाज़,

जाने कितने लफ़्ज़ों के मानो को अंजाम दे डाले, बिन लिफाफों के ही दिलों के पैगाम दे डाले, जाने कितने लफ़्ज़ों के मानो को अंजाम दे डाले, बिन लिफाफों के ही दिलों के पैगाम दे डाले, स्याही की दरकार होती है जज्बात लिखने को आपकी स्याही से जाने कितनो ने नाम बदल डाले...

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कण और बूँद

धरा का जो कण एक बूँद का प्यासा है, वो कण मिटटी का दिया हुआ दिलासा है धरा का जो कण एक बूँद का प्यासा है, वो कण मिटटी का दिया हुआ दिलासा है पत्तों पर ठहरी हुई बूंदों का इंतज़ार, जाने किस कण की प्यास बुझाता है, प्रतीक्षा में बूँद भी है और कण भी है, धरा पर...

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खुद को समेटने का वक़्त,

टूट कर बिखरने से पहले खुद को जोड़ लिया है, इस ज़िन्दगी ने बिन तेरे बेहतर मोड़ लिया है, टूट कर बिखरने से पहले खुद को जोड़ लिया है, इस ज़िन्दगी ने बिन तेरे बेहतर मोड़ लिया है, कसर नहीं रखी तूने उजाड़ने में उम्मीदें , तभी तुझसे रिश्ता कुछ हद तक तोड़ लिया है

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खामोशियों के लफ्ज़

खामोशियों के लफ़्ज़ों को पढ़ने को कह रहे हो, हमारी तन्हाइयों में जाने कब से रह रहे हो, खामोशियों के लफ़्ज़ों को पढ़ने को कह रहे हो, हमारी तन्हाइयों में जाने कब से रह रहे हो, ये बात जुदा है मेरे अफ़साने से, जाने क्या लिख रहे हो, जाने क्या कह रहे हो

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रिश्तों की महक

चलो रिश्तों में नयापन अंजाम देते हैं, कुछ गीले तुम करो कुछ खता हम मान लेते हैं चलो रिश्तों में नयापन अंजाम देते हैं, कुछ गीले तुम करो कुछ खता हम मान लेते हैं आज तेरे मुस्कराने पर चल हम क़त्ल हो जाएँ, कल तेरी हसी को हम दिल्लगी मान लेते हैं, तूने पूछा गर...

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