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16 Sep

(शाकाहार और....... मांसाहार)

Published by Sharhade Intazar Ved

(शाकाहार और....... मांसाहार)

किसी के निवालों में खामियां निकाला नहीं करते,

जीव के दर्द का एह्साश बताया करते हैं,

विज्ञानं की तहें बताती तो ये भी है,

जीवाणुं तो शाकाहार में भी रहते हैं,

जुदा होकर खुद को ख़िताब दे लेते हो,

इंसान को बेरहमी से क़त्ल करते हो,

खुद को शाकाहारी भी कहते हो,

अपने अपने निवालों का अपना अपना इल्म है,

तौहीन करना किसी के निवालों की ये तो जुर्म है

Comment on this post

monika 09/22/2015 10:59

तारीफे काबिल

om prkash 09/18/2015 02:10

slaam Sharhade Intazar Ved ji
इंसान को बेरहमी से क़त्ल करते हो, खुद को शाकाहारी भी कहते हो,

waah kyaa baat hai .insaan ki dohri maansikta ka sunder varnan kiya hai aap ne..

अपने अपने निवालों का अपना अपना इल्म है,

तौहीन करना किसी के निवालों की ये तो जुर्म है...
bahut khoob

ved 09/18/2015 16:20

shukriya Om bhai