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30 Aug

साये और....... तन्हाई

Published by Sharhade Intazar Ved

साये और....... तन्हाई

रेतों पर चलना सायों का मचलना,
ज़रा आपका रुकना धुप का सम्हलना,

अक्श याद आना आपका मुस्कराना,
क़दमों को दोस्त जरा हौले बढ़ाना,

मुश्किल बहुत है इश्क को भूल पाना,
तन्हाइयों से सीखा है हमने गुनगुनाना

Comment on this post

manju 08/31/2015 12:20

bahut khoob

ved 08/31/2015 19:37

thanks