Overblog Follow this blog
Edit post Administration Create my blog
20 Aug

दिल की जुबाँ ......ऐसी भी

Published by Sharhade Intazar Ved

दिल की जुबाँ ......ऐसी भी

शायद दिल की जुबाँ समझने का दिल हो रहा होगा,
खामोशियों ने भी नींदों में कुछ तो कहा होगा,

कोई मुद्दत बाद जागा होगा जो सो रहा होगा,
कंही नसीब अपने अंजाम पर भी रो रहा होगा,

दिल से निकली आहों का बयां कंही हो रहा होगा,
समझ कर जबाँ दिल की कोई दर्द सह रहा होगा

Comment on this post

ajay kumar 08/22/2015 16:28

ati sunder

ved 08/23/2015 16:56

Thanks Ajay ji