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08 Aug

शहीदों की बेबसी

Published by Sharhade Intazar Ved

शहीदों की बेबसी

सर पर कफ़न भी बेमानी बांध लेते हैं,
वतन की खातिर जो तिरंगे पे जान देते है
ं,

हाथों में बेड़ियां पहने वो राजनीती की,
हिन्द का जनूँ लिए हिन्द पे जान देते है
ं,

नमन है ेऐसे वीरों को माँ भारती तेरे,
जो मिट जाते हैं तेरे लिए लहू को मान देते ह
ैं

जय हिन्द

Comment on this post

ajay kumar 08/22/2015 16:46

bahut khoob pr kya jaaye jb
भूख बड़ी है भूख बड़ी है
हुक्कामों की भूख बड़ी है।
जंगल खाए पहाड़ भी खाए
खेतों पर अब आंख गड़ी है !
गोरों को फिर पीले चावल
समय की उल्टी चली घड़ी है।
अंधा राजा गूंगी संसद
परजा चादर तान पड़ी है।
रात चढ़ी पर दिन है कहता
राजा जी को भांग चढ़ी है।
भूख बड़ी है भूख बड़ी है
by -(mohan kumar nagar )

ved 08/23/2015 17:47

Jee ajay bhai saty hai Bhookh badi hai SUkriya

seema 08/09/2015 15:11

नमन ऐसे वीरों को

ved 08/09/2015 16:01

Jee Sat sat naman eaise veeron ko Seema ji Thanks